आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। आज ऐसे टूल्स, जैसे OpenAI, कुछ ही सेकंड में कोड लिख सकते हैं, रिपोर्ट बना सकते हैं और जटिल सवालों के जवाब दे सकते हैं।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है — जब AI जवाब देता है, तो सही-गलत का फैसला कौन करेगा?
पुणे के एक टेक प्रोफेशनल ने हाल ही में इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए बताया कि AI के इस दौर में सिर्फ कोडिंग आना काफी नहीं है। उन्होंने 5 ऐसी स्किल्स गिनाईं जो आने वाले समय में कोडिंग से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
1. क्रिटिकल थिंकिंग (Critical Thinking) – हर जवाब सही नहीं होता
AI बहुत तेज़ है, लेकिन वह हमेशा 100% सही नहीं होता। कई बार वह पूरे आत्मविश्वास के साथ गलत जवाब भी दे सकता है।
इसलिए जरूरी है कि इंसान AI द्वारा दिए गए जवाबों को जांचे:
- क्या लॉजिक सही है?
- क्या डेटा विश्वसनीय है?
- क्या इसमें कोई सुरक्षा जोखिम तो नहीं?
AI एक सहायक है, अंतिम निर्णय लेने वाला नहीं।
2. समस्या को सही तरीके से समझना (Problem Framing)
AI से सही जवाब पाने के लिए सही सवाल पूछना बेहद जरूरी है। अगर समस्या स्पष्ट नहीं होगी, तो समाधान भी सटीक नहीं होगा।
आज के समय में जो लोग साफ और सटीक निर्देश दे सकते हैं, वही AI का बेहतर उपयोग कर पा रहे हैं। इसे ही “प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” भी कहा जाता है।
3. डोमेन नॉलेज – सिर्फ कोड नहीं, समझ भी जरूरी
AI सामान्य समाधान दे सकता है, लेकिन हर इंडस्ट्री की अपनी खास जरूरतें होती हैं। जैसे फिनटेक, हेल्थटेक या एजुकेशन सेक्टर में काम करने के लिए गहरी समझ जरूरी है।
जिस व्यक्ति को अपने क्षेत्र की गहरी जानकारी है, वही AI के जवाब को सही संदर्भ में लागू कर सकता है।
4. कम्युनिकेशन स्किल – इंसानी जुड़ाव अब भी अहम
AI ईमेल लिख सकता है, प्रेजेंटेशन बना सकता है, लेकिन टीम को लीड करना, समझाना और निर्णय लेना अभी भी इंसानी स्किल है।
जो लोग जटिल AI आउटपुट को सरल भाषा में समझा सकते हैं, उनकी मांग भविष्य में और बढ़ेगी।
5. एथिकल जजमेंट – तकनीक का जिम्मेदार इस्तेमाल
AI का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है, जैसे फेक कंटेंट, डेटा में हेरफेर या बायस्ड एल्गोरिद्म।
इसलिए कंपनियां ऐसे प्रोफेशनल्स चाहती हैं जो यह समझ सकें कि AI का उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ कैसे किया जाए।
क्या कोडिंग की अहमियत कम हो रही है?
कोडिंग अभी भी महत्वपूर्ण है, लेकिन कई दोहराए जाने वाले काम AI तेजी से कर रहा है। भविष्य में डेवलपर्स की भूमिका सिर्फ “कोड लिखने” तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे सिस्टम को समझने और AI के काम को परखने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
निष्कर्ष
AI जवाब दे सकता है, लेकिन उन्हें समझना, जांचना और सही तरीके से लागू करना इंसान की जिम्मेदारी है।
आने वाले समय में वही लोग सफल होंगे जो टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ सोचने, समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करेंगे।